पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई – मेरा नाम करन है और मैं दिल्ली के एक अपार्टमेंट में रहता हूं। मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक आईटी कंपनी में काम करता हूं। मेरे पड़ोस में एक नई औरत रहने आई थी। उसका नाम रश्मि था और वह 35 साल की भरपूर जवान औरत थी। उसके पति अक्सर बाहर रहते थे क्योंकि उनका बिजनेस था।
रश्मि दीदी, जैसे मैं उन्हें बुलाता था, बहुत ही खूबसूरत थीं। उनका फिगर 36-30-38 का था। उनके बड़े-बड़े मम्मे हर बार मेरा ध्यान खींचते थे। वह हमेशा साड़ी या सूट पहनती थीं और उनकी पीठ कभी-कभी खुली रहती थी जो मुझे पागल कर देती थी।
एक दिन मैं अपने बालकनी में खड़ा था जब रश्मि दीदी अपने बालकनी में आईं। उन्होंने हल्की गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उनके ब्लाउज की डिजाइन ऐसी थी कि उनकी पीठ का एक बड़ा हिस्सा दिख रहा था। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“करन भैया, तुम यहीं रहते हो?” उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा।
“हां दीदी, मैं यहां पिछले दो साल से रह रहा हूं,” मैंने जवाब दिया।
“अच्छा हुआ, अब तो पड़ोस में कोई अपना सा लगेगा। मेरे पति अक्सर टूर पर रहते हैं और मैं अकेली रहती हूं,” रश्मि दीदी ने कहा।
उनकी यह बात सुनकर मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई। मैं समझ गया कि यह औरत कुछ चाहती है।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई :- पहली नजदीकी
कुछ दिनों बाद एक रविवार को रश्मि दीदी मेरे घर आईं। उन्होंने काले रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उनके गोरे बदन पर बहुत सूट कर रही थी।
“करन, मेरा वाशिंग मशीन खराब हो गया है। क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो?” उन्होंने पूछा।
“जरूर दीदी, मैं अभी आता हूं,” मैंने कहा।
मैं उनके घर गया। उनका घर बहुत सुंदर था। रश्मि दीदी मुझे बेडरूम की तरफ ले गईं जहां गंदे कपड़े रखे थे। जैसे ही वह झुकीं उनकी साड़ी का पल्लू सरक गया और उनके ब्लाउज के अंदर से सफेद ब्रा की झलक मिली।
मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने तुरंत अपना ध्यान बांटने की कोशिश की और वाशिंग मशीन की तरफ देखने लगा।
“दीदी, इसमें तार की प्रॉब्लम है। मुझे थोड़ा समय लगेगा,” मैंने कहा। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“कोई बात नहीं करन, तुम आराम से काम करो। मैं तुम्हारे लिए चाय बनाती हूं,” रश्मि दीदी ने कहा।
वह किचन में चली गईं। मैंने देखा कि उनकी साड़ी की प्लीट्स बहुत ऊंची थीं और उनके गोरे जांघें दिख रही थीं। मेरा लंड पैंट में तड़प रहा था।
थोड़ी देर बाद रश्मि दीदी चाय लेकर आईं। वह मेरे बगल में बैठ गईं। जब वह चाय दे रही थीं तो उनके हाथ मेरे हाथ से छू गए। एक करंट सा लगा मुझे।
“करन, तुम बहुत हैंडसम हो। तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं है?” रश्मि दीदी ने पूछा।
“नहीं दीदी, अभी तक कोई खास नहीं मिली,” मैंने शर्माते हुए कहा।
“अच्छा, तो तुम अकेले ही रहते हो,” रश्मि दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा।
उनकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। वह मुझे घूर रही थीं। मैं समझ गया कि आज कुछ होने वाला है।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई :- स्पर्श की शुरुआत
वाशिंग मशीन ठीक हो गई। मैं खड़ा हुआ तो अचानक रश्मि दीदी फिसल गईं और मेरे ऊपर गिर पड़ीं। उनके बड़े मम्मे मेरे सीने से दब गए। मेरा लंड उनकी जांघों के बीच में था।
“सॉरी दीदी,” मैंने कहा।
“कोई बात नहीं करन,” रश्मि दीदी ने कहा और वह जानबूझकर थोड़ी देर और मेरे ऊपर लेटी रहीं।
मैंने हिम्मत करके अपने हाथ उनकी कमर पर रख दिए। वह मना नहीं कर रही थीं। बल्कि उनकी सांसें तेज हो गईं।
“करन, तुम मुझे अच्छे लगने लगे हो,” रश्मि दीदी ने फुसफुसाते हुए कहा।
“दीदी, मैं भी आपको बहुत पसंद करता हूं,” मैंने कहा। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
रश्मि दीदी ने मेरे गाल पर एक चूमी ली। उनके होठ गरम थे। मेरा पूरा शरीर कांप उठा।
“आज रात को आओगे मेरे घर? मेरे पति दो दिन के लिए बाहर गए हैं,” रश्मि दीदी ने कहा।
“जी दीदी, मैं जरूर आऊंगा,” मैंने कहा।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई :- रात का इंतजार
पूरा दिन मुझे रात का इंतजार था। मैं काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहा था। रश्मि दीदी का खूबसूरत चेहरा, उनके बड़े मम्मे, उनकी गोरी जांघें – सब मेरे सामने घूम रहे थे।
रात के 9 बजे मैं उनके घर पहुंचा। रश्मि दीदी ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उनके बाल खुले थे। वह बहुत सेक्सी लग रही थीं।
“आ गए करन, मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी,” रश्मि दीदी ने कहा और दरवाजा बंद कर दिया।
वह मेरे करीब आईं और मेरे होठों पर किस कर दीं। उनके नरम होठ, उनकी गरम सांसें – मैं पागल हो रहा था।
मैंने भी उन्हें कसके पकड़ लिया और जोर-जोर से किस करने लगा। हम दोनों एक-दूसरे की जीभ चूस रहे थे। रश्मि दीदी की सांसें तेज हो गई थीं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“करन, मुझे ले चलो बेडरूम में,” रश्मि दीदी ने कहा।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई :- बेडरूम में पहली बार
रश्मि दीदी मुझे अपने बेडरूम में ले गईं। वहां मोमबत्तियां जल रही थीं और कमरे में हल्की सी खुशबू थी।
“आज मैं तुम्हारी हूं करन। जो चाहो करो मेरे साथ,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया और उनके गले पर किस करने लगा। रश्मि दीदी के गले पर एक तिल था जो बहुत सेक्सी लग रहा था।
“आह… करन… और जोर से…,” रश्मि दीदी मोaning कर रही थीं।
मैंने उनकी साड़ी खोलनी शुरू की। उन्होंने लाल रंग का ब्रा और पैंटी सेट पहना हुआ था। उनके बड़े मम्मे ब्रा से बाहर निकलने को बेताब थे।
मैंने उनका ब्रा खोला और उनके मम्मे आजाद हो गए। वह बहुत गोरे और बड़े थे। निप्पल गुलाबी रंग के थे और कड़े हो चुके थे।
मैंने एक मम्मा अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा। रश्मि दीदी के मुंह से सिसकियां निकल रही थीं।
“ऊह… करन… बहुत मजा आ रहा है… और चूसो… हां… ऐसे ही…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
मैं एक मम्मा चूस रहा था और दूसरे को हाथ से दबा रहा था। फिर मैं दूसरे मम्मे पर चला गया। रश्मि दीदी के हाथ मेरे बालों में फंस गए थे और वह मेरे सिर को अपने मम्मों पर दबा रही थीं।
“करन, अब नीचे भी तो देखो,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैं नीचे उतरा और उनकी पैंटी खींच कर उतार दी। रश्मि दीदी की चूत पूरी तरह से साफ शेव्ड थी और गुलाबी रंग की थी। वह पहले से ही गीली हो चुकी थी।
“दीदी, आपकी चूत तो बहुत प्यारी है,” मैंने कहा।
“चाटो इसे करन, प्लीज… बहुत दिनों से किसी ने नहीं चाटी,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उनकी जांघों पर किस किया और धीरे-धीरे ऊपर बढ़ा। उनकी चूत की खुशबू मेरे सिर में चढ़ रही थी। फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत पर लगा दी।
“ओह माय गॉड… करन… हां… ऐसे ही…,” रश्मि दीदी चिल्ला उठीं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
मैं उनकी चूत चाट रहा था। उनकी चूत का रस मीठा था। मैंने अपनी जीभ उनकी चूत के अंदर डाली और चाटने लगा। रश्मि दीदी की कमर उठ रही थी।
“ऊह… करन… मैं झड़ने वाली हूं… और तेज… हां…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
थोड़ी देर बाद रश्मि दीदी झड़ गईं और उनकी चूत से पानी निकलने लगा। मैंने सारा रस चाट लिया।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई :- करन का बड़ा लंड
रश्मि दीदी ने मेरे कपड़े खोलने शुरू किए। जब उन्होंने मेरा अंडरवियर उतारा तो उनकी आंखें बड़ी हो गईं।
“वाह करन, तुम्हारा तो बहुत बड़ा है। मुझे लगा था तुम छोटे होगे,” रश्मि दीदी ने कहा।
मेरा लंड 8 इंच का था और बहुत मोटा। रश्मि दीदी ने उसे अपने हाथ में लिया और हिलाने लगीं।
“दीदी, इसे अपने मुंह में लो,” मैंने कहा।
रश्मि दीदी ने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। उनके गरम होठ मेरे लंड को चूस रहे थे। वह पूरा लंड अपने गले तक ले रही थीं।
“ऊह… दीदी… बहुत अच्छा लग रहा है… और चूसो…,” मैं मोaning कर रहा था।
रश्मि दीदी मेरे लंड को जोर-जोर से चूस रही थीं। उन्होंने मेरे लंड की टोपी भी चाटी और फिर पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया।
“दीदी, मैं झड़ने वाला हूं,” मैंने कहा।
रश्मि दीदी ने मेरा लंड मुंह से बाहर निकाला और अपने मम्मों पर रख दिया। मैंने उनके मम्मों के बीच में अपना लंड रगड़ा और झड़ गया। मेरा वीर्य उनके मम्मों पर गिर गया। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
रश्मि दीदी ने अपने हाथ से वीर्य उठाया और चाट लिया। “तुम्हारा तो बहुत स्वादिष्ट है करन,” उन्होंने कहा।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई :- पहली चुदाई
थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। रश्मि दीदी बेड पर लेट गईं और अपनी टांगें फैला दीं।
“आओ करन, डालो इसे अंदर। मेरी चूत बहुत तरस गई है,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैं उनके ऊपर आया और अपने लंड को उनकी चूत के मुंह पर रख दिया। फिर धीरे से एक धक्का दिया। मेरा लंड आधा अंदर चला गया।
“आह… करन… थोड़ा धीरे… बड़ा है तुम्हारा…,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैं रुक गया और फिर धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया। रश्मि दीदी की चूत बहुत टाइट थी।
“ऊह… दीदी… आपकी चूत तो बहुत टाइट है,” मैंने कहा।
“हां करन, बहुत दिनों से चुदी नहीं हूं… अब चोदो मुझे… जोर-जोर से…,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने धक्के देने शुरू किए। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज-तेज। रश्मि दीदी की चूत से आवाजें आ रही थीं – “फच… फच… फच…”
“ओह… करन… हां… और तेज… मेरी चूत फाड़ दो… हां…,” रश्मि दीदी चिल्ला रही थीं।
मैं पूरी ताकत से उन्हें चोद रहा था। बेड की चरमराहट की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। रश्मि दीदी के मम्मे उपर-नीचे हो रहे थे। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“करन, मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो… पीछे से…,” रश्मि दीदी ने कहा।
रश्मि दीदी घुटनों के बल आ गईं और अपनी गांड उठा दी। मैंने पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।
“आह… हां… ऐसे ही… और जोर से…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारा। उनकी गांड बहुत गोरी और मुलायम थी। थप्पड़ मारते ही उनकी गांड लाल हो गई।
“ओह… करन… मारो और… मेरी गांड लाल कर दो… हां…,” रश्मि दीदी कह रही थीं।
मैं जोर-जोर से थप्पड़ मार रहा था और साथ में चोद भी रहा था। रश्मि दीदी की चूत से पानी निकल रहा था और मेरे लंड पर लग रहा था।
पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई
करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला।
“दीदी, क्या मैं आपकी गांड मार सकता हूं?” मैंने पूछा।
“हां करन, लेकिन पहले थोड़ा तेल लगा लो। मेरी गांड कभी नहीं मरी,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने बगल में रखा बेबी ऑयल उठाया और रश्मि दीदी की गांड की छेद पर लगाया। फिर अपनी उंगली अंदर डाली।
“आह… धीरे करन…,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर की। फिर दो उंगलियां डाल दीं। रश्मि दीदी की सांसें तेज हो गईं।
“अब डालो करन, मैं तैयार हूं,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और उनकी गांड के छेद पर रख दिया। धीरे से धक्का दिया। मेरा लंड का सिरा अंदर चला गया।
“आह… करन… बहुत दर्द हो रहा है… थोड़ा रुको…,” रश्मि दीदी ने कहा। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
मैं रुका और उनकी कमर सहलाने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने फिर धक्का दिया और आधा लंड अंदर कर दिया।
“ओह… हां… अब ठीक है… पूरा डाल दो…,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने एक जोर का धक्का दिया और पूरा लंड अंदर डाल दिया। रश्मि दीदी की सिसकी निकल गई।
“ऊह… दीदी… आपकी गांड बहुत टाइट है… बहुत मजा आ रहा है,” मैंने कहा।
“हां करन, चोदो मेरी गांड… फाड़ दो इसे… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी चिल्ला रही थीं।
मैंने पूरी ताकत से उनकी गांड मारनी शुरू कर दी। उनकी गांड बहुत गर्म थी और मेरे लंड को कस के पकड़े हुए थी।
“फच… फच… फच…” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
रश्मि दीदी एक हाथ से अपनी चूत सहला रही थीं। वह दोनों तरफ से मजा ले रही थीं।
“करन, मैं झड़ने वाली हूं… और तेज… हां…,” रश्मि दीदी चीखीं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
मैंने और तेज धक्के देने शुरू किए। रश्मि दीदी झड़ गईं और उनकी चूत से पानी निकल कर बेड पर गिर गया।
पड़ोसन रश्मि दीदी की गांड चुदाई:- अंतिम क्षण
मुझे भी झड़ने का मन हो रहा था। मैंने अपना लंड उनकी गांड से बाहर निकाला।
“दीदी, मैं आपके मुंह में झड़ना चाहता हूं,” मैंने कहा।
रश्मि दीदी तुरंत घूमीं और मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। वह जोर-जोर से चूसने लगीं।
“ओह… दीदी… मैं आ गया…,” मैंने कहा और झड़ गया।
मेरा गाढ़ा वीर्य रश्मि दीदी के मुंह में भर गया। उन्होंने एक भी बूंद बर्बाद नहीं होने दी और सब चाट लिया।
“वाह करन, तुम्हारा तो बहुत स्वादिष्ट है,” रश्मि दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा।
मैं उनके बगल में गिर गया। हम दोनों पसीने से लथपथ थे।
“दीदी, यह रात बहुत यादगार थी,” मैंने कहा। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“हां करन, और यह सिर्फ शुरुआत है। मेरे पति अक्सर बाहर रहते हैं। तुम जब चाहो आ सकते हो,” रश्मि दीदी ने कहा।
अध्याय 10: अगली सुबह
अगली सुबह जब मैं उठा तो रश्मि दीदी मेरे बगल में सो रही थीं। उनका एक मम्मा बाहर था और मैंने उसे चूस लिया।
“उम्म… करन, सुबह-सुबह शुरू हो गए?” रश्मि दीदी ने आंखें मलते हुए कहा।
“दीदी, आपके मम्मे देखकर तो कोई भी पागल हो जाए,” मैंने कहा।
रश्मि दीदी ने मेरा लंड हाथ में लिया। वह पहले से ही खड़ा था।
“चलो, सुबह की सेक्स भी कर लेते हैं,” रश्मि दीदी ने कहा।
वह मेरे ऊपर चढ़ गईं और अपनी चूत में मेरा लंड डाल लिया। फिर ऊपर-नीचे होने लगीं।
“ओह… करन… तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी कूद रही थीं।
मैंने उनके मम्मे पकड़े और दबाने लगा। वह और तेज कूदने लगीं।
करीब 15 मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए। रश्मि दीदी मेरे ऊपर गिर पड़ीं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“करन, तुम बहुत अच्छे हो। मेरी चूत को बहुत मजा दिया,” रश्मि दीदी ने कहा।
“दीदी, यह तो शुरुआत है। अभी तो बहुत कुछ करना बाकी है,” मैंने कहा।
पड़ोसन के साथ बाथरूम में सेक्स
कुछ देर बाद रश्मि दीदी नहाने गईं। मैं भी उनके पीछे चला गया।
“करन, तुम भी आ गए?” रश्मि दीदी ने पूछा।
“हां दीदी, आपकी गांड देखकर रहा नहीं जा रहा,” मैंने कहा।
हम दोनों शावर के नीचे खड़े थे। पानी हम दोनों पर गिर रहा था। रश्मि दीदी ने साबुन लिया और मेरे पूरे बदन पर लगाया।
फिर उन्होंने मेरे लंड पर साबुन लगाया और हिलाने लगीं। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
“दीदी, पीछे मुड़ो,” मैंने कहा।
रश्मि दीदी शावर के नीचे झुक गईं। मैंने पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।
“आह… करन… पानी के नीचे और मजा आ रहा है… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
पानी की आवाज और हमारी चुदाई की आवाज मिलकर बहुत सेक्सी लग रही थी।
मैंने रश्मि दीदी की कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के देने लगा। उनकी गांड की थप्पड़ की आवाज बाथरूम में गूंज रही थी।
“ओह… करन… मैं झड़ने वाली हूं… और तेज… हां…,” रश्मि दीदी चिल्लाईं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
मैंने और तेज धक्के दिए और रश्मि दीदी झड़ गईं। मैं भी उनके अंदर ही झड़ गया।
नहाने के बाद हम दोनों किचन में गए। रश्मि दीदी नाश्ता बना रही थीं। उन्होंने सिर्फ एप्रन पहना हुआ था और कुछ भी नहीं।
“दीदी, आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो,” मैंने कहा।
“तो आओ ना,” रश्मि दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा।
मैं पीछे से गया और अपना लंड उनकी गांड पर रगड़ने लगा। वह किचन प्लेटफॉर्म पर झुक गईं।
मैंने एप्रन उठाया और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।
“आह… करन… खाना जल जाएगा… लेकिन मुझे मजा आ रहा है… हां…,” रश्मि दीदी कह रही थीं।
मैं उन्हें किचन में ही चोद रहा था। उनकी सिसकियां किचन में गूंज रही थीं।
“ओह… करन… और तेज… मेरी चूत फाड़ दो… हां…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
मैंने पूरी ताकत से धक्के दिए और रश्मि दीदी झड़ गईं। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनके मम्मों पर झड़ दिया।
अध्याय 15: रात का खेल
रात को फिर से हम बेडरूम में थे। इस बार रश्मि दीदी ने कैंडल लाइट और वाइन का इंतजाम किया था।
“करन, आज मैं तुम्हें स्पेशल फील करवाना चाहती हूं,” रश्मि दीदी ने कहा।
उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और मेरे पैरों के पास बैठ गईं। फिर धीरे-धीरे मेरे लंड को चूसना शुरू किया। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“ऊह… दीदी… बहुत अच्छा लग रहा है…,” मैं मोaning कर रहा था।
रश्मि दीदी मेरे लंड को बहुत देर तक चूसती रहीं। फिर वह ऊपर आईं और अपनी चूत मेरे मुंह पर रख दीं।
“चाटो करन, मेरी चूत को,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उनकी चूत चाटनी शुरू कर दी। वह मेरे लंड को चूस रही थीं। हम 69 की पोजीशन में थे।
“ओह… करन… हां… ऐसे ही… और जोर से…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
थोड़ी देर बाद रश्मि दीदी मेरे ऊपर आ गईं और अपना लंड अपनी चूत में डाल लिया।
“आह… करन… यह बहुत अच्छा है… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी कूद रही थीं।
मैंने उनकी कमर पकड़ी और नीचे से धक्के देने लगा।
“ओह… करन… मैं झड़ने वाली हूं… और तेज… हां…,” रश्मि दीदी चिल्लाईं और झड़ गईं।
मैंने उन्हें नीचे लिटाया और जोर-जोर से चोदने लगा।
“फच… फच… फच…” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
“ओह… करन… मेरी चूत फाड़ दो… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
मैंने और तेज धक्के दिए और फिर झड़ गया। मैंने अपना सारा वीर्य उनकी चूत में ही डाल दिया।
अगला दिन
अगले दिन रश्मि दीदी के पति वापस आने वाले थे। मैं उनके घर गया।
“करन, मेरे पति आ रहे हैं। लेकिन मैं तुम्हें रोज चाहती हूं,” रश्मि दीदी ने कहा।
“दीदी, मैं भी आपको रोज चाहता हूं। हम कहीं बाहर मिल सकते हैं,” मैंने कहा।
“हां, हम होटल में मिलेंगे। मैं तुम्हें मैसेज करूंगी,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उन्हें एक लंबा किस किया और उनके मम्मे दबाए।
“आह… करन… एक बार और चोद लो… पति आने से पहले,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उन्हें तुरंत दीवार से सटाया और उनकी साड़ी उठा दी। पैंटी साइड में की और लंड अंदर डाल दिया। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
“ओह… करन… हां… और तेज… जल्दी…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
मैंने जोर-जोर से धक्के दिए और 10 मिनट में ही हम दोनों झड़ गए।
पड़ोसन रश्मि दीदी की होटल में मुलाकात
अगले हफ्ते रश्मि दीदी ने मुझे एक होटल के कमरे का पता भेजा। मैं वहां पहुंचा तो वह पहले से ही वहां थीं।
“करन, तुम आ गए,” रश्मि दीदी ने कहा और मुझे किस कर लिया।
उन्होंने लाल रंग की सेक्सी लैंगरी पहनी हुई थी। वह बहुत हॉट लग रही थीं।
“दीदी, आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो,” मैंने कहा।
“तो आओ ना,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उन्हें बेड पर गिराया और उनकी लैंगरी खोलनी शुरू की। उनका बदन पूरा नंगा हो गया।
मैंने उनके पैरों से शुरुआत की और चूमते-चूमते ऊपर आ गया। उनकी जांघों पर किस किया और फिर उनकी चूत पर आ गया।
“चाटो करन, जल्दी…,” रश्मि दीदी ने कहा।
मैंने उनकी चूत चाटनी शुरू कर दी। वह बहुत गीली थी।
“ओह… करन… हां… और जोर से…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
थोड़ी देर बाद मैं ऊपर आया और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।
“आह… करन… होटल में और मजा आ रहा है… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी चिल्ला रही थीं। पड़ोसन रश्मि दीदी की चूत चुदाई और पहली बार गांड की चुदाई।
मैंने उन्हें जोर-जोर से चोदा। बेड की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।
हमने शॉवर भी लिया। रश्मि दीदी मेरे लंड को साबुन लगा रही थीं और मैं उनके मम्मे दबा रहा था।
फिर हमने शॉवर के नीचे सेक्स किया। रश्मि दीदी घुटनों के बल झुकीं और मैंने पीछे से उनकी चूत मारी।
“ओह… करन… पानी के नीचे बहुत मजा आ रहा है… हां… और तेज…,” रश्मि दीदी चीख रही थीं।
हमने शॉवर में करीब आधे घंटे तक सेक्स किया।
रात को हमने बहुत सेक्स किया। अलग-अलग पोजीशन में – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल, स्पूनिंग।
रश्मि दीदी की चूत और गांड दोनों मैंने मारी। वह बहुत थक गई थीं लेकिन मजा ले रही थीं।
“करन, तुम बहुत अच्छे हो। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं,” रश्मि दीदी ने कहा।
“दीदी, मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूं,” मैंने कहा।
रश्मि दीदी अब भी मेरी पड़ोसन हैं और हम अक्सर मिलते हैं। जब भी उनके पति बाहर जाते हैं, वह मुझे बुला लेती हैं।
हमारा यह रिश्ता अभी भी जारी है और हम दोनों बहुत खुश हैं।
मैं अपने पाठकों और कहानी पढ़ने और उस पर प्रतिक्रिया देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूँ। यदि आप अपनी कहानियाँ या टिप्पणियाँ साझा करना चाहते हैं, तो कृपया vikasgoel4952@gmail.com पर ईमेल करें या मुझसे संपर्क करें । मैं हमेशा आपकी टिप्पणियों का इंतजार करता हूँ।
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